भारत के महान राजाओं में से एक टीपू सुल्तान भी थे टीपू सुल्तान को मैसूर का शेर कहा जाता था.
टीपू सुल्तान का पूरा नाम सुल्तान फतेह अली खान साहब था उनका जन्म कर्नाटक के युसूफाबाद मैं हुआ था इनके पिता का नाम हैदर अली तथा माता का नाम फातिमा फकरूनिसा था.
टीपू सुल्तान का जन्म 20 नवंबर 1750 को बेंगलुरु में हुआ था इनके पिता हैदर अली दक्षिण भारत में मैसूर के सैन्य अफसर थे.
1761 में टीपू सुल्तान के पिता हैदर अली मैसूर के शासक के रूप में सत्ता में आए तथा मैसूर में शासन किया.
टीपू सुल्तान का जीवन भी संघर्ष से भरा हुआ था अच्छी शिक्षा प्राप्त होने के बावजूद उनके पिता उन्हें युद्ध का प्रशिक्षण दिया करते थे.
संत 1766 की बात है जब टीपू सुल्तान 15 साल के थे उस समय ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ाई में टीपू सुल्तान अपने पिता के साथ थे.
इनके पिता हैदर अली को एक शक्तिशाली शासक के रूप में जाना जाता था टीपू सुल्तान ने अपने पिता के कई अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उसे सफल किया.
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और अंग्रेजों से अपने साम्राज्य को बचाने के लिए भी इन्होंने लड़ाइयां लड़ी और काफी हद तक अपने देश की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है और अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की.
टीपू सुल्तान को मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है.
टीपू सुल्तान ने शासनकाल के दौरान तीन बार बड़ी लड़ाइयां लड़ी और आखिरी बार वह युद्ध में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए.
टीपू सुल्तान का नाम उन भारतीय राजाओं में आता है जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए अपने साम्राज्य की रक्षा करते हुए पंचतत्व में विलीन हो गए.

4 मई 1799 को 48 वर्ष की आयु में एंग्लो मैसूर लड़ाई जो कि टीपू सुल्तान के जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई थी इस लड़ाई में टीपू सुल्तान के सामने ब्रिटिश सेना थी तथा ब्रिटिश सेना से लड़ते हुए टीपू सुल्तान ने मैसूर को खो दिया और उनकी मृत्यु भी हो गई.
टीपू सुल्तान अपने साम्राज्य को बचाने के लिए अंतिम सांस तक अंग्रेजों से लड़ते रहे कर्नाटक के श्रीरंगपट्टनम मैं अंग्रेजों ने धोखे से टीपू सुल्तान को मार दिया.