एनी बेसेंट का जन्म  2 अक्टूबर 1847 में लंदन के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था वह आयरिश मूल की थी एनी बेसेंट जब केवल 5 वर्ष की थी तभी उनके पिता का देहांत हो गया परिवार के पालन पोषण के लिए एनी बेसेंट की मानने पैरों में लड़कों के लिए छात्रावास खोला.
कम उम्र में ही उन्होंने समस्त यूरोप की यात्रा की जिससे कि उनके दृष्टिकोण में काफी इजाफा हुआ. एनी बेसेंट का विवाह 1867 में फ्रैंक बेसेंट नामक एक पादरी से हुआ लेकिन एनी बेसेंट का वैवाहिक जीवन ज्यादा दिन तक नहीं चल सका और 1873 में उनका तलाक हो गया लेकिन एनी बेसेंट और फ्रैंक बेसेंट से दो संताने थी.




तलाक होने के बाद एनी बेसेंट ने सदियों से चली आ रही धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए उन्होंने विशेष रूप से धार्मिक अंधविश्वास फैलाने के लिए इंग्लैंड की एक चर्च पर तीखे हमले किए.
एनी बेसेंट ने महिलाओं के अधिकारों धर्मनिरपेक्षता गर्भनिरोध फेबियन समाजवाद और मजदूरों के हक के लिए अनेकों लड़ाइयां लड़ी. एनी बेसेंट का परम उद्देश्य मानवता की ज्यादा ज्यादा सेवा करना था.
एनी बेसेंट 1893 भारत पहुंची और उन्होंने पूरे भारत का भ्रमण किया.
शिक्षा में उनकी लंबे समय से रुचि के फलस्वरुप भी बनारस के केंद्रीय हिंदू विद्यापीठ की स्थापना 1898 में हुई. 1917 मूवी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनी और इस पद को ग्रहण करने वाली वह पहली महिला थी. एनी बेसेंट न्यू इंडिया नामक समाचार पत्र प्रकाशित करती थी जिसमें उन्होंने अंग्रेजों की काफी आलोचना की थी जिसके कारण उन्हें जेल जाना पड़ा. एनी बेसेंट जब गांधी जी के साथ भारतीय राष्ट्रीय मंच पर आई तब महात्मा गांधी और एनी बेसेंट के बीच मतभेद पैदा हो गए इसी वजह से एनी बेसेंट धीरे-धीरे राजनीति से अलग हो गई 20 सितंबर 1933 को मद्रास में एनी बेसेंट का देहांत हो गया.
एनी बेसेंट की आखिरी इच्छा थी कि उनकी अस्थियों को बनारस  गंगा नदी में प्रवाहित किया जाए
उनकी इच्छा के अनुसार ही उनकी हस्तियों को गंगा में प्रवाहित किया गया.
एनी बेसेंट एक प्रसिद्ध थी उस ऑफिसर समाज सुधारक महिला कार्यकर्ता लेखिका प्रवक्ता और राजनैतिक मार्गदर्शक थी वह मूल रूप से तो आयरिश की थी लेकिन उन्होंने हिंदुस्तान को अपना दूसरा घर बना लिया था.