आधुनिकता के इस दौर  में चेहरे पर लगाई जाने वाली पाउडर की मांग बहुत ही ज्यादा है जब भी हम टाल्कम पाउडर की बात करते हैं हमारी आंखों के सामने अनेकों प्रकार के ब्रांडेड पाउडर से जैसे पॉन्ड्स ,हिमानी आदि आ जाते हैं इन उत्पादों ने बाजार में अपनी विश्वसनीयता के बल पर बाजार को अपने कब्जे में कर लिया है इसकी विश्वसनीयता और प्रसिद्धि बहुत ही ज्यादा है.
चेहरे पर लगाई जाने वाली पाउडर विश्वसनीयता और प्रसिद्धि के बल पर ही बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकती है अगर यह उच्च गुणवत्ता वाली है तो आसानी से बाजार में अपना प्रभुत्व स्थापित कर सकती है इसीलिए जब भी चेहरे पर लगाए जाने वाले  टाल्कम पाउडर का व्यवसाय शुरू करें इसकी गुणवत्ता को सबसे ऊपर रखें आजकल लोग सौंदर्य प्रसाधन पर खर्च करते वक्त तनिक भी नहीं सोचते क्योंकि लोगों को उच्च गुणवत्ता के उत्पाद चाहिए होते हैं हर कोई आज के दौर में सुंदर दिखना चाहता है चाहे वह अमीर हो या गरीब वह अपने चेहरे अपने सेहत पर खर्च करते वक्त पैसों के बारे में नहीं सोचता.

चेहरे पर लगाए जाने वाले पाउडर का उपयोग बहुत ही आसान है पाउडर के डिब्बे से हथेली पर पाउडर लेना और चेहरे पर लगाना हर कोई यही काम करता है.

गर्मी में सूर्य की किरणों से चेहरा काला ना हो इससे बचने के लिए लोग पाउडर का उपयोग करते हैं लेकिन अधिकतर लोग हर रोज ही टाल्कम पाउडर का उपयोग करते हैं इसमें खासकर महिलाएं दिन में कई बार पाउडर को अपने चेहरे पर लगाती है ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिलेगा जिसके घर में टाल्कम पाउडर का उपयोग ना होता हो.

अपने डाल गर्मी में घमौरियों से बचाव के लिए बच्चों को दिन में अनेकों बार लगाया जाता है तथा पुरुष इसलिए लगाते हैं कि उन्हें पसीना ना आए.

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के अनुसार सरकार से मंजूरी लेनी होती है तथा टेलकम पाउडर का फार्मूला किसी विशेषज्ञ से बनवा कर लेना पड़ता है.

 मार्केट :  देश का हर एक मनुष्य आज के आधुनिकीकरण के दौर में टेलकम पाउडर का ग्राहक है किराने की दुकान से लेकर सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें दवाइयों की दुकानें माल बाजार स्टेशनरी की दुकानें ब्यूटी पार्लर हर जगह टेलकम पाउडर का ग्राहक होता है इसमें ब्यूटी पार्लर और जेंट्स सैलून में अधिक मात्रा में टेलकम पाउडर की खपत होती है.





रा मटेरियल्स


टीटेनियम डाइऑक्साइड,  जिंक ऑक्साइड, कैल्शियम कार्बोनेट,  सोप स्टोन और फूलों की सुगंध आदि कच्चे माल के रूप में प्रयोग में लाई जाती है.

मशीनरी

मशीनरी के रूप में मिक्सर, फिल्टर ,पैकिंग मशीन ,आटोमेटिक बड़ा ग्राइंडर आदि की आवश्यकता होती है


इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए 3000 स्क्वायर फीट की जगह की जरूरत होती है जिसमें 15 स्क्वायर फीट में इमारत होनी चाहिए.  गुड पैमाने पर इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए दो कुशल दो और कुशल तथा दो और कुशल मिलाकर कुल से मनुष्य बल की आवश्यकता होती है.
यंत्र सामग्री पर कुल खर्च ₹200000 तक का होता है जबकि कच्चे माल पर मासिक ₹70000 का खर्च होता है.  अगर ₹70000 मासिक कच्चे माल से व्यवसाय को शुरू करते हैं तो वार्षिक कच्चा माल 840000 रूपय का लगेगा जिससे कि उत्पाद की बिक्री 26 लाख ₹40000 तक की होगी.  इसमें कच्चे माल मनुष्य बल का वेतन देखभाल खर्च आधी कुल 20 लाख ₹30000 तक का होगा.
इस प्रकार इस व्यवसाय से वार्षिक 610000 रुपए तक की कमाई हो सकती है जिसमें इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए बैंक से 65% का लोन मिल सकता है और आपको अपने पास से 35% लगाना पड़ेगा