परफ्यूम वर्तमान समय में कैसा उद्योग है जो कभी भी समाप्त होने वाला नहीं है ना ही इसकी मांग कम होने वाली है और ना ही यह खराब होने वाला व्यवसाय है.
परफ्यूम एक ऐसा उत्पाद है जिसकी मांग 12 महीने रहती है यह हर घर में उपयोग में लाया जाता है इस उद्योग को आप घर से ही पार्ट टाइम या फुल टाइम उद्योग के रूप में कर सकते हैं यह बहुत ही फायदेमंद व्यवसाय है इसकी सबसे खास बात यह है कि इस उद्योग का जितना ही आप विस्तार करेंगे उतना ही फायदा मिलता रहेगा.
इस उद्योग को शुरू करने के लिए प्लास्टिक के बोतल ढक्कन तथा ऑटोमेटिक फिलिंग मशीन आज की जरूरत होती है.
परफ्यूम तैयार करना बहुत ही आसान है इसके फार्मूले सामान्यता एक जैसे ही होते हैं हमें जिस प्लेयर का परफ्यूम चाहिए उसका मिश्रण मिलाकर हम परफ्यूम बना सकते हैं.
बाजार में जिन स्पर्धक उत्पादों की पैकिंग बिक्री के लिए है उसके हिसाब से अपने परफ्यूम की कीमतें तय कीजिए तथा उसे मार्केट में लाइए.



मार्केट

अगर परफ्यूम की मार्केट की बात करें तो इसके लिए शहरी ग्रामीण अमीर और गरीब सभी तरह के लोग इस के शौकीन होते हैं परफ्यूम आजकल पान की दुकान वाले से लेकर माल तक में मिलता है.
रा मटेरियल
इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए रॉ मटेरियल के रूप में गुलाब मोगरा जूही ऐसे अलग-अलग प्रकार के फूलों का सुगंधित इत्र, सुवासिक तेल, सुवासिक केमिकल्स, पैकिंग के लिए बॉटल्स ढक्कन स्टिकर्स आदि लगेगा.

मशीनरी


यंत्र सामग्री की बात करें तो इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए स्टोरेज मिक्सर और परफ्यूम को फीलिंग करने के लिए पैकिंग मशीन आदि लगेंगे.

इस व्यवसाय को 300 स्क्वायर फीट की जगह में शुरू कर सकते हैं इसमें 200 स्क्वायर फीट की इमारत होनी चाहिए अगर मनुष्य बल की बात करें तो एक कुशल और एक और कुशल मनुष्य बल की आवश्यकता होती है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए.
 यंत्र सामग्री पर तकरीबन ₹30000 तक का खर्च आता है वार्षिक कच्चा माल ₹300000 तक का लगता है अगर ₹300000 वार्षिक कच्चे माल को बाजार में बेचते हैं तो यह करीब ₹800000 में बिकेगा तथा कुल वार्षिक खर्च 620000 रुपए तक का होगा इसमें वार्षिक फायदा 180000 रुपए आप कमा सकते हैं.