पुराने समय में पानी को गर्म करने के लिए प्राकृतिक इन दोनों का उपयोग किया जाता था,  हमारा देश हमेशा से ही कृषि
प्रधान देश रहा है इसके कारण गांव देहात में लकड़ी, घास फूस,  धान के पौधों आदि का ईंधन के रूप में उपयोग करके
पानी गर्म किया जाता था.
इन का उपयोग खाना बनाने में भी किया जाता था लेकिन बाद में इन इन दिनों की जगह घासलेट जिसे (मिट्टी के तेल के नाम
से जाना जाता  है )ने ले लिया.
आधुनिकता के दौर में प्राचीन काल के तीन दिनों की जगह गैस ने ले लिया क्योंकि शहरों के घर सीमेंट से बनाए जाते  है
जहां चूल्हा जलाना संभव नहीं है.


फ्लैट और अपार्टमेंट में आधुनिक सुविधाएं होती है और यहां प्राकृतिक गैस उपयोग में लाया जाता है लेकिन गैस में  हो रही
कालाबाजारी और दामों में बेतहाशा वृद्धि की वजह से पानी गर्म करने के लिए इलेक्ट्रिक गीजर का उपयोग होने लगा.
क्योंकि यह ईंधन और गैस दोनों की अपेक्षा कम खर्चीला होता है और इलेक्ट्रिसिटी भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है.
यही कारण है कि वर्तमान समय में लोगों ने पानी गर्म करने के लिए गीजर को महत्त्व ज्यादा दिया.




मार्केट

वर्तमान समय में इलेक्ट्रिक गीजर हर घर की जरूरत है तथा सभी विद्युत उपकरण बेचने वाले होलसेल दुकानों में और
रिटर्न दुकानों में यह आसानी से मिलता है क्या अच्छी जगह है जहां पर आप उत्पादन करके पूरी कर सकते हैं.
आजकल छात्रावास,  अस्पताल, धर्मशालाएं,  होटल और लॉजिंग इन जगह पर इस की अत्यंत आवश्यकता होती है.
आप इन लोगों से मिलकर उनकी आवश्यकता के अनुसार गीजर तैयार करके दे सकते हैं.


रा मटेरियल


रा मटेरियल्स के रूप में इस व्यवसाय में  हीटर नाइक्रोम वाय, कॉपर सीट पत्रा, एम एस सीट, वायलेट कैप,  
बीएस पाइप, थर्मोस्टैट, आदि कच्चा माल के रूप में लगेगा.


मशीनरी
 इस व्यवसाय में  गैस वेल्डिंग मशीन,  स्पिनिंग लेंथ मशीन, रोलिंग मशीन,  पेंटिंग पंप आदि उपकरण लगेंगे.


इस व्यवसाय को 3000 स्क्वायर फीट जगह में शुरू कर सकते हैं इसमें 1504 में इमारत होनी चाहिए,  इस व्यवसाय में
मनुष्य बनो की आवश्यकता करीब 14 है जिसमें 4 कुशल कारीगर होने चाहिए.
गीजर व्यवसाय को शुरू करने के लिए यंत्र सामग्री पर कुल खर्च ₹600000 होंगे,  तब मासिक कच्चा माल ₹90000 तक
का लगेगा इस प्रकार कुल कच्चा माल वार्षिक 1080000 रुपए तक का लगेगा जिससे  3800000 रुपए तक की तैयार
गीजर की बिक्री होगी.
इस व्यवसाय में कच्चा माल मनुष्य बल तथा अन्य कुल खर्च 2900000 रुपए तक के होंगे,  इस प्रकार इस व्यवसाय से
वार्षिक ₹900000 तक कमा सकते हैं.

 इस व्यवसाय को शुरू करने पर आपको बैंक से 65% का कर्ज मिलेगा तथा आपको अपने पास से 35% लगाना पड़ेगा.