कोरूगेटेड बॉक्स उद्योग CORRUGATED BOX BUSINESS

आजकल किसी भी उत्पाद का वितरण और यातायात करते समय उत्पादक को जो सबसे महत्वपूर्ण चीज लगती है वह है कोरोगेटेड बॉक्स.
कोरोगेटेड बॉक्स कम खर्चे में ज्यादा टिकने वाला तथा ग्राहक को ज्यादा आकर्षक दिखता है लकड़ी के बॉक्स के अपेक्षा और यह लकड़ी की बॉक्स की अपेक्षा हल्का भी और सस्ता भी होता है, इसीलिए बाजार में इसकी मांग कुछ ज्यादा ही है.
कोरोगेटेड बॉक्स भी लकड़ी से ही तैयार किया जाता है लेकिन इसमें अधिकतम 25% ही लकड़ी तैयार किया जाता है. कोरोगेटेड बॉक्स के लिए लगने वाली सीट्स तैयार कर के या तैयार सीट्स खरीद कर सिर्फ बॉक्स को असेंबल करना ऐसे दो प्रकार के उद्योग कर सकते हैं.
यह सा उद्योग है जिसकी जरूरत हमेशा से ही रही है और हमेशा रहेगी. अगर लघु उद्योग शुरू करना है तो पुट्ठों की तैयार सीट्स लाकर बॉक्स बनाने का कार्य शुरू कर सकते हैं.
इसमें आपको ग्राहकों की मांग के अनुसार उसी आकार का बॉक्स निर्माण करना होगा.
आजकल व्यापारी कारखाने छोटे बड़े दुकानदार कंपनी तथा लघु उद्योगों में समग्र की पैकिंग के लिए कोरोगेटेड बॉक्स की जरूरत होती है.

मार्केट

देश के हर एक हिस्से में चाहे वह ग्रामीण हो या फिर शहरी हर जगह लघु उद्योगों से लेकर छोटे बड़े दुकानदार कारखाने और बड़ी कंपनी कोरोगेटेड बॉक्स की मांग करते रहते हैं.

रा मटेरियल्स

कागज के पुट्ठों का निर्माण कार्य शुरू करना हो तो इसके लिए लकड़ी का लगदा, सरस, पुट्ठों की सीट्स, और रासायनिक चिपकने वाला द्रव्य की जरूरत होती है.

मशीनरी

कोरोगेटेड मशीन, स्लेटिंग मशीन, स्टिचिंग मशीन, क्लींजिंग मशीन, सीट प्रेसिंग मशीन, बोर्ड कटर मशीन, विद्युत मोटर तथा बॉक्स सिलने की मशीन की जरूरत होती है

इस उद्योग को शुरू करने के लिए 5000 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है जिसमें 3000 स्क्वायर फीट में इमारत होनी चाहिए इस कार्य को करने के लिए कुल 8 लोगों की जरूरत होती है जिसमें 2 कुशल दो अर्ध कुशल तथा 4 और कुशल मनुष्य बल की आवश्यकता होती है.
मशीनरी की खरीद पर करीब ₹500000 खर्च होंगे, 150000 रूपय के कच्चे माल होंगे पक्का माल ₹300000 के तथा प्रत्यक्ष खर्च ₹150000 होंगे.
इस व्यवसाय को शुरू करने पर आपको बैंक से 65% लोन मिलता है तथा आपको सिर्फ 35% अपने पास से लगाना होगा.
अगर वार्षिक उत्पादन खर्च की बात करें तो 1800000 रुपए के कच्चे माल किस की बिक्री 3900000 रुपय के करीब होगी.
कुल खर्च के बाद वार्षिक फायदा करीब ₹930000 का होगा.


Post a Comment