आधुनिकीकरण के दौर में लोगों को शिक्षा का महत्व अच्छी तरह से समझ आया है लोगों को यह बात समझ आ गई है कि एक अच्छा जीवन जीने के लिए शिक्षा बहुत ही जरूरी है,इसी कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक की अभिभावक अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देना चाहते हैं.  ऐसी स्थिति में पेन हर घर की जरूरत है दैनिक जीवन में पेंट हर किसी को लगती है चाहे वह विद्यार्थी हो, अधिकारी हो, डॉक्टर हो, या फिर इंजीनियर इनके बिना इन किसी का महत्व नहीं है.

आज से करीब 25 साल पहले स्याही के पेन उपयोग में लाए जाते थे स्याही के पेन के लिए  स्याही की दवात , निपल और जीप इस्तेमाल में लाया जाता था लेकिन आज के दौर में उसकी जगह बाल पेन ने ले ली है
स्याही के पेन की स्याही खत्म होने पर उसमें से आई भरनी पड़ती थी शाही भरते समय आने दो बार चाय के दाग कागजातों पर और कपड़ों पर पढ़ते थे तथा पेन के जीप टूट जाते थे.
बालपेन आ जाने के कारण इन झंझटों से छुटकारा मिल गया,  इसका प्रयोग अत्यंत ही सुविधाजनक और आसान होने के कारण विद्यार्थी से लेकर शिक्षकों तक,  बैंकों, ऑफिस में सभी आज बाल पेन का उपयोग करते हैं.
यह एक ऐसा व्यवसाय है जिसे आप अपनी क्षमता के अनुसार बढ़ा सकते हैं इसमें नुकसान का नामो निशान तक नहीं है.
बाजार में सस्ती और आकर्षक फैंसी बॉलपेन बनाइए और मार्केट में सप्लाई कीजिए,  बाजार के मांग के अनुसार अनेकों प्रकार की डिजाइन में यदि आप बॉल पेन का उत्पादन करते हैं तो आप जल्द ही एक बड़ा ब्रांड नेम तैयार कर सकते हैं.


मार्केट

बाल पेन उत्पात कितने  बड़े पैमाने पर कर रहे हैं   उसी के अनुसार अपना कार्य क्षेत्र से करना पड़ेगा,  शुरुआत में आप स्टेशनरी की दुकानों तथा होलसेल व्यापारियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार माल सप्लाई कर सकते हैं.


रा मटेरियल



इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए प्लास्टिक पाउडर नोजल,  स्याही, पाली प्रोविजन, प्लास्टिक के कवर इत्यादि कच्चे माल के रूप में लगेगा.


मशीनरी

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए लगने वाली मशीनरी में स्याही भरने की मशीन,  ओवन, बॉल पेन का हैंड मोल्डिंग मशीन, नोजल तैयार करने की मशीन और स्क्रीन प्रिंटिंग मशीन की आवश्यकता पड़ती है


इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए 500 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है जिसमें 300 स्क्वायर फीट में इमारत होनी चाहिए इस व्यवसाय को कुल चार मनुष्य बल के साथ शुरू किया जा सकता है जिसमें से एक कुशल कारीगर होना चाहिए.
इस व्यवसाय में जगह के विकास के लिए ₹90000 तथा यंत्र सामग्री पर कुल ₹10000 खर्च होंगे,  इसमें मासिक कच्चा माल ₹100000 का लगेगा. इस प्रकार वार्षिक कच्चा माल कुल 1200000 वेतन लगेगा जिससे तैयार बालपेन की बिक्री 2800000 रुपए तक की होगी.

मनुष्य बल का वेतन कच्चा माल और अन्य खर्च कुल 2200000 रुपए तक का होगा,  इस प्रकार आप इस छोटे से उद्योग से ₹600000 वार्षिक फायदा कमा सकते हैं. इस व्यवसाय को शुरू करने पर बैंकों से  90% का कार्य मिलता है तथा आप को 10% अपने पास से लगाना होगा.