आज आधुनिकीकरण के दौर में प्लास्टिक से तैयार की गई बहुत सारी वस्तुएं दैनिक जीवन में उपयोग की जाती है औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों में प्लास्टिक उत्पादों की याद बहुत भारी मात्रा में मांग है आजकल मेजर कुर्सियां फर्नीचर से लेकर किचन के बैठने तक का हर एक सामग्री प्लास्टिक से बनता है.
प्लास्टिक से बनी सामग्री हल्की होने के साथ-साथ सस्ती और देखने में आकर्षित दिखती है और लोगों को जल्दी पसंद आ जाती है.


इसी प्लास्टिक उत्पादों में से एक उत्पादन है प्लास्टिक की बोतलें , वर्तमान समय में स्ट्रेच ब्लो मोल्डेड पद्धति से प्लास्टिक की बोतलें तैयार की जाती है.
आजकल खाद्य तेलों सौंदर्य-प्रसाधनों के साथ साथ शीत प्रयोग के लिए प्लास्टिक पैकिंग का बहुतायत मात्रा में प्रयोग किया जाता है.
प्लास्टिक बोतले के निर्माण में सबसे खास बात यह है कि यह रिसाइक्लिंग होकर नई बन जाती है इसलिए रा मटेरियल्स की कमी महसूस नहीं होती.

मशीनरी

इस उद्योग के लिए स्पोर्ट्स ब्लो मोल्डिंग मशीन, लिफ्टिंग मशीन, इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन, स्क्रैप कटर मशीन, एक्सट्यूजन मशीन और जल शीतलीकरण यंत्र की जरूरत होती है.

रॉ मटेरियल्स

राम मटेरियल्स में कच्ची प्लास्टिक, पॉलीमर्स, पीवीसी, पीईटी, रासायनिक रंग तथा पाली एथिलीन आदि की जरूरत होती है

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए 3000 स्क्वायर फीट जमीन की जरूरत होती है तथा दो कुशल दो अर्धकुशल तथा 6 अकुशल मनुष्य बल के साथ हम इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं.
मशीनरी की बात करें तो मशीनरी में खर्च ₹500000 का है तथा कच्चे माल का वार्षिक खर्च 12 लाख रुपए है.
जिससे कि कुल वार्षिक लागत 2545000 रुपए होगी तथा वार्षिक बिक्री 3337000 रुपए होगी.
जिससे कि वार्षिक फायदा 790000 रुपए का होगा.
अगर आप इस व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं तो आपको बैंक द्वारा 65% कार्य मिल सकता है तथा इस व्यवसाय के लिए आपको अपने पास से 35% खर्च स्वयं करना होगा.