कहा जाता है कि जल ही जीवन है तथा जल के बिना मनुष्य रह ही नहीं सकता जब भी हम घर से बाहर निकलते हैं तो रास्ते में कहीं न कहीं हम पानी की बोतल खरीद लेते हैं या फिर किसी न किसी कारणवश हमें पानी की बोतल खरीदनी पड़ती.
जब भी हम सफर कर रहे होते हैं तो रेलवे स्टेशन बस स्टेशन आदि जगहों पर जब भी हमें प्यास लगती है तो हम पानी की बोतल खरीद लेते हैं जोकि बाजार में 15 से ₹20 में मिलती है.
जैसे ऐसे समाज का आधुनिकीकरण हो रहा है लोगों की सुविधा के अनुसार उन्हें सामग्री मुहैया कराई जा रही है शायद यही सोच कर बिसलरी बनाने वाली कंपनी का भी निर्माण हुआ लेकिन उस वक्त उनके व्यवसाइयों ने उन्हें मुर्ख बताया था.
शुद्ध जल टीना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है अधिकतर बीमारियां दूषित जल के कारण ही हो रही है आज लोगों को जल कि शुद्धता और स्वच्छता की जरूरत समझ में आ गई है.
इसीलिए मिनरल वाटर व्यवसाय आजकल सबसे ज्यादा चलन में है.
शुद्ध जल के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड बी आई एस ने एक स्टैंडर्ड तैयार किया है जिसके अनुसार ही व्यापारी पानी का उत्पादन करता है. पेंट ड्रिंकिंग वाटर में मानव शरीर को हानि पहुंचाने वाले सभी प्रकार के क्षार कम किए जाते हैं.
इसके लिए सामान्यता जमीन के अंदर के पानी का ही उपयोग किया जाता है जिन्हें प्लास्टिक के बोतलों में पैक किया जाता है लेकिन यह पानी बोतल में पैक होने के दौरान कई प्रक्रियाओं से गुजरती है जैसे कि फिल्ट्रेशन और दिस इन्फेक्शन प्रक्रिया है.

मशीनरी

इस व्यवसाय के लिए RO मतलब रिवर्स ऑस्मोसिस मशीन, कार्बन फिल्टर, सॉफ्टनर, पैकिंग करने वाली मशीन तथा सेंड फिल्टर और बोर में से पानी निकालने वाली समर्सिबल पंप और पानी के मोटर की जरूरत होती है.

रा मटेरियल

रा मटेरियल में प्रमुख रुप से पानी और प्लास्टिक की बोतलें स्टीकर्स और कैन की जरूरत होती है.

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए 4000 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है तथा चार कुशल और चार अर्ध कुशल के अलावा 10 और कुशल मनुष्य बल की जरूरत पड़ती है.
अगर मशीन की बात करें तो मशीन की कीमत 4500000 रुपए है कच्चे माल पर 1500000 रुपए  का खर्च है.
इसमें भी 35% खुद खर्च करने होंगे तथा 65% बैंक से कर्ज मिल सकता है.
इस व्यवसाय में कुल वार्षिक खर्च 4643000 रुपए के होंगे तथा वार्षिक बिक्री 6463000 देंगे.
जिसमें वार्षिक फायदा 1820000 रुपए है