वर्तमान समय में पूरी दुनिया में हजारों करोड़ों रुपए का संदर्भ साधनों का व्यवसाय होता है खासकर भारत में सौंदर्य प्रसाधनों की बिक्री में काफी बढ़ोतरी हुई है भारतीय बाजार में नए उद्योगों को सौंदर्य प्रसाधन के उद्योग में अच्छा मौका है तथा इसकी मांग विदेशी बाजार में भी काफी अच्छी है.
कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियां बस्तियों से दूर होती है तथा स्वच्छ जगह पर होती है. यह उद्योग शुरू करने के लिए उत्पादक को डी फार्मेसी डिप्लोमा या रसायन शास्त्र में इंटर उत्तीर्ण होना चाहिए.
सौंदर्य प्रसाधनों में सैकड़ों उत्पाद आते हैं इसमें बेबी पाउडर बालों के तेल फेस पाउडर क्रीम बादाम तेल तिल का तेल टूथपेस्ट टूथ पाउडर कोल्ड क्रीम आंवला तेल नेलपॉलिश लिपस्टिक शैंपू बॉडी स्प्रे नहाने के साबुन तथा मेकअप के लिए लगने वाली सामग्री आते हैं.



मशीनरी

सौंदर्य प्रसाधन में आने वाले उत्पाद में जो भी उत्पाद शुरू करने है उसके लिए ऑटोमेटिक मशीन आती है

रा मटेरियल

सौंदर्य प्रसाधन में तय किए गए उत्पाद के अनुसार बाजार से कच्चा माल लेना होगा


इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए 10000 स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है तथा कुशल अर्धकुशल के साथ कुल 14 मनुष्य बल की जरूरत होती है यंत्र सामग्री पर 1400000 रुपए खर्च होंगे तथा कच्चे माल पर वार्षिक 3600000 रुपए खर्च होंगे.
तैयार की गई सामग्री की वार्षिक बिक्री 943000 रुपए की होगी तथा कुल वार्षिक खर्च 652000 रुपए होंगे.

इस उद्योग में वार्षिक करीब 290000 रुपए का फायदा होगा.