1. गृहोपयोगी उद्योग

बेरोजगार युवकों एवं महिलाओं को अकेले के लिए या फिर अपने परिवार के लिए रोजगार के साधन के रूप में रोजगार मिले इसी उद्देश्य के साथ घरेलू उद्योग शुरू किए जाते हैं जिन्हें गृहोपयोगी उद्योग कहते हैं.
गृहोपयोगी उद्योग में कम लागत में ही अकेले परिवार को या फिर किसी समूह को रोजगार देने की क्षमता है.
गृह उद्योग में संभवता खाने पीने की पदार्थ तैयार करना तथा रोजमर्रा की जिंदगी में जरूरत के लिए लगने वाली सामग्री को नियमित करना है जिसका उद्योगों में समावेश होता है.
आजकल के समय में आधुनिकीकरण के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियों के उनके उत्पादों में से छोटे-छोटे भाग भी घरेलू उद्योग करने वाले लोग ही तैयार कर रहे हैं. भारत जैसे जनसंख्या वाले विश्व में संभवता दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री पारंपरिक व्यवसाय और अन्य पदार्थों की निर्मिति ऐसे उद्योग व्यवसाय के लिए उपयोगी उद्योग में साधारण तौर पर चुने जाते हैं. इसमें सामान्यता मोमबत्ती उद्योग अगरबत्ती उद्योग बिंदिया तैयार करने का उद्योग पेंसिल चौक तैयार करना अच्छा तैयार करना पापड तयार करना तरह तरह के मसाले तैयार करना समोसे पानी पूरी मसाला तैयार करना शिव तैयार करना सेवैया तैयार करना किसी को ला तैयार करना पेपर सोडा तैयार करना कुमकुम तैयार करना दंतमंजन तैयार करना गुलकंद मसाला सॉन्ग तैयार करना तथा लकड़ी के खिलौने तैयार करना जैसे हस्तकला से तैयार की जाने वाली वस्तुएं आदि जैसे उद्योग धंधे आज भारत में गृहोपयोगी उद्योग के रूप में किए जाते हैं


2. लघु उद्योग

सामान्य रूप से कम पैसे और थोड़ी सी जगह पर शुरू हो जाने वाले उद्योग को लघु उद्योग कहते हैं आवश्यक मनुष्य बंद खुद ही प्रत्यक्ष उत्पादन के लिए सहयोग करने हेतु काम करना जिन लोगों के किस सामान का बाजार भाव स्थानीय स्तर पर अथवा लोकल मार्केट स्तर पर होता है ऐसे ही बहुत से उद्योग लघु उद्योग विभाग में आते हैं. लघु उद्योग में सामान्यता हैंगर तैयार करना बालपेन तैयार करना स्क्रीन प्रिंटिंग फिनाइल उद्योग शैंपू तैयार करना साबुन तैयार करना कपड़े धोने की पाउडर तैयार करना पॉलीथिन के थैले कपड़े की थैलियां पर तैयार करना खाद्य तेल उद्योग पशुखाद्य उद्योग प्लास्टिक की वस्तुएं तैयार करना ट्यूब लाइट चौक सीएफएल बल्ब तैयार करना लिक्विड सोप तैयार करना बॉक्स पैकिंग के उद्योग इत्र परफ्यूम शेयर करना रूम तैयार करना फेब्रिकेशन उद्योग गैस के उपकरण धातु की वस्तुएं रोलिंग शटर तैयार करना बर्तन बनाना साइकिल के पॉक्स आदि लघु उद्योग में आते हैं

3. अन्न प्रक्रिया उद्योग

मनुष्य की प्रतिदिन आहार में लेनेवाले अधिकतर पदार्थ में अनाज ही आते हैं भारतीय लोगों आहार पद्धति है वैसे प्रदेश के अनुसार एक निश्चित सीमा होती है लेकिन आजकल के समय में आधुनिकीकरण के कारण खाने-पीने की प्रक्रिया में अनेकों बदलाव आए हैं.
बिक्री और फास्ट फूड के पदार्थ जो देखने में सुंदर तो लगते ही हैं खाने में भी चटपटी होने के कारण घर के बच्चे ऐसे व्यंजनों की मांग करते हैं.
अन्न प्रक्रिया उद्योग में होटल ढाबा बेकरी चाइनीस चीजों के स्टाल फास्ट फूड की दुकानें इत्यादि आती है. बाजार की मांग और खाद्य पदार्थों की थोड़ी सी जानकारी का अध्ययन करके इन व्यवसाय में से कोई एक नया व्यवसाय चुनकर अपना कैरियर स्थापित कर सकते हैं.
अन्न प्रक्रिया उद्योग में काजू प्रक्रिया उद्योग उद्योग बेकरी व्यवसाय अचार उद्योग मसाले उद्योग गुलकंद व्यवसाय व्यापार व्यवसाय लॉलीपॉप चॉकलेट उद्योग कैंडी होटल व्यवसाय इत्यादि आते हैं.

4. आधुनिक उद्योग

समय के साथ हुए बदलाव के कारण जिन उद्योगों का निर्माण हुआ है उन्हें साधारण तौर पर आधुनिक उद्योग कहा जाता है जैसे-जैसे संसार का आधुनिकीकरण हुआ है कुछ उद्योग में मंदी आई है तथा कुछ नए उद्योग आए हैं.
इनमें मोबाइल के छोटे-बड़े पार्ट्स तैयार करना बाइक्स के स्पेयर पार्ट तैयार करना तथा कंपनियों के कुछ इस प्रेस के पास तैयार करने होते हैं स्टैंडर्ड स्टील के पीतल और एल्मुनियम के बर्तन तैयार करना क्लच वायर तैयार करना फ्यूज होल्डर्स केबल क्लिप्स मल्टी पिन कनेक्टर तैयार करना चार्जिंग की बैटरियां तैयार करना स्टूडियोज के लाइक स्टैंड TV के टेबल्स स्टैंड तथा बिजली से चलने वाली मोटर पंखे प्लास्टिक की वस्तुएं आधी है इनमें से हमें एक ही व्यवसाय चुनना है.

5. सेवा उद्योग

गांव का आधुनिकीकरण होने के साथ-साथ दैनिक जीवन में बहुत सारी चीजों की जरूरत पड़ती है हम देखते हैं कि बहुत सारी कंपनियां होती है संस्थाएं होती है जो गांव में भी सेवाएं प्रदान करती है जैसे कि ट्रेवल एजेंसी अगर हमें कोई गाड़ी किराए से चाहिए तो हम ट्रेवल्स एजेंसी को फोन करते हैं तथा हमें वह गाड़ी पर बैठ कर आते हैं या व्यवसाय भी गांव में बड़ी तेजी से पनपा है.
इसके साथ ड्राइविंग स्कूल मसाज सेंटर नौकरी के बारे में जानकारी वाले केंद्र साइबर कैफे कोचिंग क्लासेज फिटनेस सेंटर इंटीरियर डेकोरेशन प्रॉपर्टी सलाहकार तथा साउंड सिस्टम आदि है ऐसे उद्योग है जिनकी सेवा देकर हम उस व्यवसाय में अपना करियर बना सकते हैं.

6. खेती से संबंधित उद्योग